वाराणसी, 11 अगस्त 2025:
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में एक से 19 वर्ष की आयु के 18 लाख से अधिक बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल (Albendazole) दी गई। यह अभियान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत सोमवार को आयोजित किया गया।
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🔹 स्वास्थ्य में सुधार के लिए जरूरी पहल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने जानकारी दी कि एल्बेंडाजोल की खुराक देने का उद्देश्य बच्चों के—
- पोषण स्तर में सुधार
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने
- एनीमिया (खून की कमी) को नियंत्रित करने
में मदद करना है।
🔹 अभियान की प्रमुख विशेषताएं:
- अभियान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में चलाया गया।
- बच्चों को दवा देने से पहले उचित जागरूकता और परामर्श भी दिया गया।
- अभियान में शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही।
🔹 क्यों जरूरी है यह दवा?
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट में कीड़े होने से बच्चों में:
- भूख न लगना
- कमजोरी
- पढ़ाई में ध्यान न लगना
- बार-बार बीमार पड़ना
जैसी समस्याएं होती हैं। एल्बेंडाजोल ऐसी समस्याओं को दूर करने में प्रभावी मानी जाती है।
निष्कर्ष:
वाराणसी में चलाया गया यह अभियान बच्चों के समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे इस तरह के स्वास्थ्य अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें और बच्चों को समय पर दवा दिलवाएं, जिससे उनका भविष्य स्वस्थ और उज्ज्वल बन सके।